मनरेगा में मेट की मजदूरी कितनी है – MgNrega Me Met Ki Majduri Kitni Hai 2022

चलिए देखते है मनरेगा में मेट की मजदूरी कितनी है और मेट कौन बन सकता है. महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम 2005 में लागु किया गया था इसके तहत जॉब कार्ड धारक को प्रति वर्ष 100 दिन का रोजगार देना तय किया था.

ग्रामीण इलाकों में प्रत्येक गाँव में मेट होते है जो नरेगा में काम करने वाले मजदूरों से कार्य करवाते है और उनकी देख रेख करते है. परन्तु इनको भी उतनी ही दिहाड़ी मिलती है जितनी नरेगा मजदूर को मिलती है और उतने ही दिन काम मिलता है जितने दिन मनरेगा मजदूर को कार्य मिलता है. मेट बनने के लिए व्यक्ति थोड़ा पढ़ा लिखा होना चाहिए और मेट को ग्राम सभा में एक प्रस्ताव डालकर चुन लिया जाता है.

मनरेगा में मेट की मजदूरी कितनी है

नरेगा में मेट की सैलरी या मजदूरी उतनी ही होती है जितनी मनरेगा में कार्य करने वाले मजदूर या व्यक्ति की होती है. जैसे हरियाणा में नरेगा की दिहाड़ी 309 रुपए प्रति दिन है तो इतनी ही मजदूरी मेट की होती है. राज्य के अनुसार मजदूरी लिस्ट निचे टेबल में देख सकते है.

राज्य का नाममेट को प्रतिदिन मनरेगा में मिलने वाली मजदूरी की राशी
आंध्र प्रदेश237 रु
अरुणाचल प्रदेश205 रु
असम213 रु
बिहार194 रु
छत्तीसगढ़190 रु
गुजरात224 रु
गोवा280 रु
हरियाणा309 रु
हिमाचल प्रदेश198 रु और 248 रु
जम्मू और कश्मीर204 रु
झारखंड194 रु
केरल291 रु
कर्नाटक275 रु
महाराष्ट्र238 रु
मध्य प्रदेश190 रु
मणिपुर238 रु
मेघालय203 रु
मिजोरम225 रु
नागालैंड205 रु
उड़ीसा207 रु
पंजाब263 रु
राजस्थान220 रु
सिक्किम205 रु
तमिल नाडू256 रु
त्रिपुरा205 रु
तेलंगाना237 रु
उत्तर प्रदेश201 रु
उत्तराखंड201 रु
पश्चिम बंगाल204 रु

तो इस आर्टिकल में आपको पता चल गया होगा की मनरेगा में मेट की मजदूरी कितनी है और मेट के लिए पात्र व्यक्ति को गाँव की ग्राम सभा में एक प्रस्ताव डालकर चुन लिया जाता है. नरेगा में मेट और मजदूर को मिलने वाली दिहाड़ी राशी कई राज्यों में हर साल बढ़ाई जाता है.

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