यूपी में मनरेगा की मजदूरी कितनी है 2022

चलिए देखते है यूपी में मनरेगा की मजदूरी कितनी है और इस योजना का लाभ कौन कौन ले सकता है. महात्मा गाँधी राष्ट्रीय रोजगार गारण्टी योजना की शुरुआत केंद्र सरकार द्वारा 2 अक्टूबर 2005 में की गई थी इसके तहत जॉब कार्ड धारक को प्रति वर्ष 100 दिन का रोजगार देना तय हुआ था.

उत्तर प्रदेश में इस योजना का लाभ लेने लेने वाले व्यक्ति का नाम जॉब कार्ड में दर्ज होना चाहिए तो वह 100 दिन के रोजगार की मांग कर सकता है. यदि मजदूरी राशी की बात करे तो नरेगा का कार्य पूरा होने के कुछ दिनों बाद उस व्यक्ति के खाते में पूरी मजदूरी राशी जमा कर दी जाती है.

यूपी में मनरेगा की मजदूरी कितनी है

Uttar Pradesh में नरेगा की मजदूरी 201 रुपए प्रति दिन है. जॉब में अपना नाम दर्ज करवाने के लिए या मनरेगा में रोजगार पाने के लिए अपने गाँव के रोजगार सहायक या मेट से मिल सकते है. यूपी में इस योजना से काफी लोगों को लाभ मिल रहा है.

तो इस आर्टिकल में आपको पता चल गया होगा की यूपी में मनरेगा की मजदूरी कितनी है और इस योजना का लाभ सभी जॉब कार्ड धारक ले सकते है. नरेगा में मिलने वाली दिहाड़ी राशी कई राज्यों में हर साल कुछ न कुछ बढ़ाई भी जाती है.

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